बच्चों की तेल मालिश बच्चों के शारीरिक विकास हेतु अत्यंत आवश्यक है। प्राचीन काल से ही भारतीय माताएं बच्चे के पैदा होने के 21 दिन बाद से ही बच्चे को तेल मालिश करना प्रारम्भ कर देती हैं। अब तो शोधकर्ताओं ने भी यह सिद्ध कर दिया है कि शिशुओं की तेल मालिश करनी चाहिए ।
प्रतिदिन बच्चों को तेल मालिश होने पर बच्चों को अच्छी नींद आती है। बच्चों का वजन भी ठीक बढ़ता है और हड्डियां भी मजबूत बनती हैं। तेल मालिश से शरीर में खून का दौरा बढ़ता है जो बच्चों के विकास हेतु अच्छा होता है।
बच्चों की मालिश प्रतिदिन 10 मिनट से लेकर 15 मिनट तक कर सकते हैं। प्रारम्भ में बच्चों की टांगों की मालिश करें। फिर पीठ, बाजू, छाती,पेट और चेहरे की मालिश करें। कम-से-कम 1 साल तक बच्चों की प्रतिदिन मालिश करनी चाहिए। उल्टी आने पर, दस्त लगने पर, बुखार होने पर बच्चों की मालिश न करें।
वैसे तो कई प्रकार के तेल से बच्चों की मालिश की जा सकती है। छोटे बच्चों हेतु 'जॉनसन बेबी ऑयल' उचित होता है परन्तु यह तेल अधिक महंगा होने पर आप सरसों और नारियल के तेल से भी मालिश कर सकती हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार तिल का तेल सबसे उत्तम माना जाता है क्योंकि इसके तेल से शरीर में खून का प्रवाह ठीक रहता है और तिल का तेल शरीर शीघ्र ग्रहण कर लेता है।
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